‘हिंदी’ को राष्ट्रभाषा घोषित करना राष्ट्र की मजबूती के लिए परम आवश्यक : शैलेश

 

छोटे राज्य और भाषाई चरित्र का राज्य राष्ट्रीय मजबूती के लिए कमजोर कड़ी – सवर्ण मोर्चा .
————————————————-

News Desk
बिहार । अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव शैलेश कुमार सिंह ने आज प्रेस को संबोधित करते हुए कहा की सवर्ण मोर्चा की नजर व चिंतन में अभी भारतीय राष्ट्रवाद के खिलाफ एक बहुत बड़ा सामूहिक साजिश रचा जा चुका है । जिसमें राष्ट्रवाद, सनातन संस्कृति, हिन्दू, हिन्दी और देश के मजबूत होते विकास के खिलाफ बहुत बड़ा टूलकिट योजना तैयार हो रखा है। आज भारत में छोटे छोटे राज्य इस टूलकिट नेटवर्क के निशाने पर है। किसान आंदोलन , शाहीनबाग आंदोलन,हिज़ाब आंदोलन आदि हिंदू संस्कृति के खिलाफ की एक व्यूह रचना है। अब भाषाई चरित्र के राज्यों में हिंदी के खिलाफ एक बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है। भारत में हिंदी को आज तक इसी आधार पर राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं होने दिया गया। आज पंजाब में हिंदी हिन्दुस्थान और हिन्दू के खिलाफ एक सामाजिक लहर पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं ममता बनर्जी भी बंगाल विधानसभा चुनाव से बंगाली बनाम हिन्दी की भाषाई लड़ाई शुरू कर चुकी है। तामिलनाडु, तेलंगाना,केरल, आदि राज्यों में हिंदी के खिलाफ सामाजिक चरित्र बनाया जाता रहा है। आज भारतीय राष्ट्रवाद को मजबूत करने में ऐसे तमाम भाषाई चरित्र का छोटा-छोटा राज्य जितनी शक्ति के साथ आगे आना चाहिए था वह नहीं आ पा रहा है। दरअसल भारतीय राष्ट्रवाद और सुरक्षा के लिए ऐसे तमाम राज्यों का वैचारिक निर्माण करने की सख्त जरूरत है । ऐसे में राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अब जरुरत है ‘हिन्दी’ को राष्ट्रभाषा घोषित किया जाए।

Share
error: Content is protected !!